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ह॒त्वाय॑ दे॒वा असु॑रा॒न्यदाय॑न्दे॒वा दे॑व॒त्वम॑भि॒रक्ष॑माणाः ॥
English Transliteration
Mantra Audio
hatvāya devā asurān yad āyan devā devatvam abhirakṣamāṇāḥ ||
Pad Path
ह॒त्वाय॑ । दे॒वाः । असु॑रान् । यत् । आय॑न् । दे॒वाः । दे॒व॒ऽत्वम् । अ॒भि॒ऽरक्ष॑माणाः ॥ १०.१५७.४
Rigveda » Mandal:10» Sukta:157» Mantra:4
| Ashtak:8» Adhyay:8» Varga:15» Mantra:4
| Mandal:10» Anuvak:12» Mantra:4
BRAHMAMUNI
Word-Meaning: - (देवाः) विजय के इच्छुक सैनिक (असुरान्) दुष्ट शत्रुओं को (हत्वाय) मारकर (यत्) जब (आयन्) आते हैं, तब (देवाः-अभिरक्षमाणाः) वे विजय के इच्छुक सैनिक प्रजा की रक्षा करते हुए-करने के हेतु (देवत्वम्) विजय के इच्छुक पद को प्राप्त हुए, ऐसा सिद्ध होता है ॥४॥
Connotation: - विजय के इच्छुक सैनिक दुष्ट शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर जब आते हैं, तब वे विजयशील पुरुष-सैनिक देवपदवी को प्राप्त होकर सब प्रजा के अभिनन्दनीय होते हैं ॥४॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
देवत्व रक्षण
Word-Meaning: - [१] (देवाः) = देववृत्ति के लोग (असुरान्) = आसुरवृत्तियों को (हत्वाय) = नष्ट करके (यदा) = जब (आयन्) = जीवन में गति करते हैं तो ये (देवाः) = देव (देवत्वं अभिरक्षमाणाः) = अपने देवत्व का रक्षण करनेवाले होते हैं । [२] देवों को देवत्व प्राप्त करानेवाली बात यही है कि वे आसुरवृत्तियों के आक्रमण से अपना बचाव करते हैं। काम से अपने को दूर रखते हुए वे शरीर को अक्षीण शक्ति बनाये रखते हैं। क्रोध से ऊपर उठकर वे अपने मन को शान्त रखते हैं तथा लोभ में न फँसने से उनकी बुद्धि स्थिर रहती है। वस्तुतः देव का लक्षण यही है 'स्वस्थ शरीर, शान्त मन, स्थिर बुद्धि' ।
Connotation: - भावार्थ- हम आसुरवृत्तियों को नष्ट करके अपने जीवन में देवत्व का रक्षण करें।
BRAHMAMUNI
Word-Meaning: - (देवाः) विजिगीषवः सैनिकाः (असुरान् हत्वाय) दुष्टान् शत्रून् हत्वा (यत्-आयन्) यदा आयच्छन्ति (देवाः-अभिरक्षमाणाः) तदा ते विजिगीषवः प्रजाः खलु रक्षमाणाः (देवत्वम्) विजिगीषुत्वं प्राप्ता भवन्तीति शेषः ॥४॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Divine forces of nature and nobilities of humanity attain to their status of divine positivity when they come together to preserve, protect and promote the positive forces and destroy the demonic forces of negativity and destruction.
