Go To Mantra
Viewed 75 times

उ॒षा दे॒वी वा॒चासं॑विदा॒ना वाग्दे॒व्युषसा॑ संविदा॒ना ॥

Mantra Audio
Pad Path

उषा: । देवी । वाचा । सम्ऽविदाना । वाक् । देवी । उषसा । सम्ऽविदाना ॥६.५॥

Atharvaveda » Kand:16» Sukta:6» Paryayah:0» Mantra:5


PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

रोगनाश करने का उपदेश।

Word-Meaning: - (उषाः देवी) उषा देवी [उत्तम गुणवाली प्रभातवेला] (वाचा) वाणी से (संविदाना) मिली हुयी और (वाक् देवी)वाक् देवी [श्रेष्ठ वाणी] (उषसा) प्रभात वेला से (संविदाना) मिली हुयी [होवे]॥५॥
Connotation: - जो मनुष्य प्रभातवेलाको सत्यवाणी के साथ और सत्यवाणी को प्रभातवेला के साथ संयुक्त करते हैं, अर्थात् जो प्रभात से लेकर दूसरी प्रभात तक सत्यवाणी से काम करते हैं, वे अवश्यसुखी रहते हैं ॥५॥
Footnote: ५−(उषाः) प्रभातवेला (देवी) दिव्यगुणवती (वाचा) वाण्या सह (संविदाना) संगच्छमाना (वाक्) (देवी) (उषसा) प्रभातवेलया सह (संविदाना)संगच्छमाना ॥